Sunday 17 October 2010

दशहरा पूजन किया घर में


बुराई पर अच्छाई की जीत की ख़ुशी में हर साल आज के दिन दशहरा मनाया जाता है। इस दिन घर में इसकी पूजा अर्चना के बाद भोजन लेने की परम्परा है। सुबह गृहलक्ष्मी गाय के गोबर से दशहरे का प्रतीक मनाती है। उसके सामने दो टोकनी भी गोबर की बनाई जाती है। पूजा के बाद इनको दाल चावल का भोग अर्पित किया जाता है। दोनों टोकनी में भी दाल चावल भरे जाते हैं। शायद यह घर में अन्न के भंडार भरें रहे इस कामना से किया जाता है। हमने भी आज अभी दशहरा पूजन कर घर में सुख शांति,समृद्धि की प्रार्थना इश्वर से की।

1 comment:

Udan Tashtari said...

विजय-दशमी पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

सादर

समीर लाल