हर इन्सान हर पल किसी ना किसी उधेड़बुन में रहता है। सफलता के लिए कई प्रकार के ताने बुनता है। इसी तरह उसकी जिन्दगी पूरी हो जाती हैं। उसके पास अपने लिए वक्त ही नहीं । बस अपने लिए थोड़ा सा समय निकाल लो और जिंदगी को केवल अपने और अपने लिए ही जीओ।
फैशन के भी देखो लफड़े, कपड़े हैं फ़िर भी बिन कपड़े। ----- चमके फीगर दिखे कटाव ये कैसा फैशन ये क्या चाव। ---- कपडें हो टाईट फीगर दिखे ब्राइट। ---गोविन्द गोयल