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Tuesday, 21 April 2009

किराये पर कार्यकर्त्ता ,ऑफिस शुरू

राजनीतिक दलों की सुविधा के लिए श्रीगंगानगर में रतन नागौरी नामक आदमी ने एक कारोबार आरम्भ किया है। कारोबार है, किराये पर कार्यकर्त्ता उपलब्ध करवाने का। जी हाँ, श्री नागौरी सभी दलों को बिना किसी भेदभाव के किराये पर कार्यकर्त्ता "सप्लाई" करेंगें। सब जानते हैं कि भीड़ जुटाने के लिए नेता जी को अंटी ढीली करनी पड़ती है। अब तक यह काम पर्दे के पीछे से होता था। अब यह सब कुछ बाकायदा व्यावसायिक तरीके से होगा। क्यों हैं ना मजेदार बात। सही बात है जब राजनीति पेशा बन गई है तो फ़िर कार्यकर्त्ता पेशेवर क्यों ना हों। उन्होंने क्या कसूर किया है। मलाई नेता खाते हैं,तो खुरचन खाने का अधिकार तो कार्यकर्त्ता को मिलना ही चाहिए। उम्मीद है श्री नागौरी का यह कारोबार खूब चलेगा। मंदी का असर फिलहाल इन पर नही होगा।